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auliya ko madadgar kehna shirk nahi - औलिया अल्लाह मुश्किल कुशा और मददगार हैं

अल्लाह तआला ने अपने ख़ास बन्दों को अपनी बारगाह में ख़ास मक़ाम अता फ़रमाया है।और अल्लाह तआला ने इन्हें ख़ास इख्तियारात तसर्रुफात और ताक़त अता फरमाई है मु…

हाल ही की पोस्ट

gurbat ki badhti hui dar ki wajah अनाज की बे-क़दरी और बे-हुरमती है

इस वक़्त तमाम दुनिया को दर पेश संगीन और तश्वीशनाक मसाइल में से एक मसला ग़ुर्बत है।आज हम इसी पर गुफ्तगू करेंगे के यानि बढती हुई ग़ुरबत की वजह और उसका ह…

musalmano ko fayeda aur nafa pahunchana अल्लाह की रज़ा हासिल करने का अज़ीम ज़रिया

इस्लाम एक ऐसा दीन है जो सिर्फ इबादात ही की तालीम नहीं देता बल्कि इंसानों के साथ ख़ैरख़्वाही हमदर्दी और नफ़ा रसानी का भी दर्स देता है। एक सच्चा मुसलमा…

aakhirat ki fikr par बेहतरीन इस्लाही मज़मून

दुनिया की ज़िंदगी फ़ानी है जबकि आख़िरत की ज़िन्दगी हमेशा और बाक़ी रहने वाली ज़िन्दगी है। इस  मज़मून में आख़िरत की तैयारी मौत की याद और अल्लाह तआला के सा…

wuzu ka shuru se aakhir tak ka tareeqa वुज़ू के ब्यान में

इस्लाम में पाकी और सफ़ाई को बहुत अहमियत हासिल है। वुज़ू सिर्फ़ जिस्मानी सफ़ाई नहीं बल्कि रूहानी पाकीज़गी का भी ज़रिया है। नीचे वुज़ू का मुकम्मल ब्यान…