DiniMalumat

Maktab Aur Madarsa Ki Ahmiyat v Zaroorat – ये हवा और पानी से भी ज़्यादा क्यों ज़रूरी हैं?

मकातिब और मदारिस का वजूद हर उस शख़्स के लिए रूह की तरह ज़रूरी है जो अपने दिल में ईमान की ताज़गी चाहता है। जिस तरह इंसान को ज़िंदा रहने के लिए हवा और …

Muashra Ke Zawal Ki Ek Wajah - अहले हक़ की बे क़दरी

इनसानी मुआशरों की तारीख़ में जब भी अख़लाक़ी और रूहानी ज़वाल आया है उसका सबसे नुमायाँ निशान अहले हक़ की बे क़दरी रही है ज़ाहिर परस्ती और सतहियत जब किस…

Deeni Jalson Mein Badhta Kursi Culture : अहले इल्म की दिल शिकनी का सबब

इस गुफ्तगू में हम यह समझने की कोशिश करेंगे कि दीनी जलसे सिर्फ़ एक रस्म नहीं बल्कि पूरे इस्लाम की नुमाइंदगी करने वाले इज्तिमा होते हैं। दीनी जलसे और म…

guroor takabbur ka ilaaj salam se तकब्बुर का इलाज सलाम में पहल करना

इंसान की ज़िंदगी में जिस तरह जिस्मानी सेहत की अहमियत है उसी तरह दिल और रूह की सेहत भी बहुत ज़रूरी है। अक्सर इंसान अपने जिस्म की बीमारी को जल्दी महसूस…

क्या बच्चों को नज़र से बचाने के लिए काला टीका लगाना जाइज़ है

आज के इस मज़मून में हम एक ऐसे मामूली से लगने वाले लेकिन अहम मसअले पर गुफ़्तगू करेंगे जो हमारे समाज में आम तौर पर देखा जाता है। अक्सर आपने देखा होगा कि…

दोपहर का मुख़्तसर आराम जिस्मानी रूहानी के लिए अज़ीम फाएदा

आज के इस मज़मून में, हम रहमत-ए-आलम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की एक बेहद प्यारी और हिकमत से भरपूर सुन्नत का ज़िक्र करेंगे। ये सुन्नत है "क़ैलूला&quo…

दुनिया पर खर्च दीन पर कंजूसी ईमान की कमज़ोरी और क़यामत की निशानी

आज का दौर मटेरियलिस्टिक ज़माना है ये एक सच्चाई है। हमारी ज़िन्दगी की तरजीहात प्रायोरिटीज़ का तवाजुन बैलेंस इस कदर बिगड़ चुका है कि अल्लाह ही भला करे।…

हाजत रवाई मदद और परदा पोशी इस्लाम का खूबसूरत पैग़ाम सहीह बुखारी की हदीस की रौशनी में

इस्लाम अपने मानने वालों को आपसी मुहब्बत, भाईचारे और इंसानियत की तालीम देता है। यही वजह है कि हमारे दीन में किसी मुसलमान की मदद करना, उसकी हाजत रवाई क…

hazrat luqman aur hazrat khizr अलैहिस्सलाम का वाकिया

हज़रत लुक़मान हकीम और हज़रत ख़िज़्र अलैहिस्सलाम का यह वाक़िया नसीहतों और हिकमत से भरपूर है यह क़िस्सा एक ऐसी दानाई का नमूना है जो अल्लाह के नेक बंदों…

Thirsty First 31 दिसम्बर और मुसलमान

रब्बुल आलमीन का एहसाने अज़ीम है कि उसने हमें अपनी सारी मख्लूकात में सबसे बेहतर यानि अशरफुल मख्लूकात बनाया। हमें सोचने समझने के लिए अक्ले सलीम अता फ़र…

अख्लाक ए हसना नबी ए करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम का हुस्न ए अख़लाक़

हुस्न ए अख़लाक़ एक ऐसी सिफ़त है जो इंसानी शख़्सियत को निखारती और मुआशरती ज़िंदगी को संवारती है नबी ए करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम का अख़लाक़ ए मुबारक…

Tashhud ke aadab v fazeelat hadees pak ki roshni mein sunnat rasool ka byaan | शिर्क व बिदअत के शुब्हात का इलाज

हदीस ए पाक की रौशनी में तशहुद के आदाब व फज़ीलत पर एक नज़र: अल्लाह तबारक व तआला के फ़ज़ल ओ करम से और दरूद ओ सलाम हमारे आका ए दो जहां मुहम्मद मुस्तफ़ा …

nabi kareem ka padosiyon se husn sulook | इस्लाम में पड़ोसी के हुकूक

सारे जहान के लिए रहमत बनकर आने वाले आख़िरी नबी हज़रत मुहम्मद मुस्तफ़ा सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने इंसान को इंसान से जोड़ने वाले हर रिश्ते को अहमियत द…

achchha name बच्चे का पहला हक

आज की इस मुक़द्दस गुफ़्तगू में हम जानेंगे नवजात बच्चे का नाम रखने का इस्लामी तरीका। नाम रखने का सही वक़्त क्या है? अच्छे नाम का क्या असर पड़ता है? कौ…