अल्लाह की रज़ा व रहमत किसको मिलती है जानिए इस्लाम एक ऐसा दीन है जो सिर्फ इबादात ही की तालीम नहीं देता बल्कि इंसानों के साथ ख़ैरख़्वाही हमदर्दी और नफ़ा रसानी का भी दर्स देता है। एक सच्चा मुसलमा…
वो सीना वीरान घर की तरह है जिसमें कुरान न हो बड़ा सा एक मकान हो, कभी उसमें रौनक हुआ करती हो, लोग आते-जाते हों, लोग उसमें रहते हों। लेकिन आज उस मकान में कोई रहने वाला नहीं है। न किसी कमरे में चिरा…
अल्लाह की नेमतें बेहिसाब और उनका शुक्र अल्लाह तआला ने इंसान को बेशुमार नेमतों से नवाज़ा है, जिन्हें इंसान अगर अपनी पूरी ज़िन्दगी भी शुमार करता रहे, गिनता रहे। तो शुमार नहीं कर सकता, गिन नहीं…
तालीम ए रहमत रसूल की तालीमत हमारे प्यारे आक़ा व मौला हज़रत मुहम्मद मुस्तफा सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम रहमतुल्लिल-आलमीन हैं। और आपकी दी हुई तालीमात भी इंसानियत के लिए रहमत, अमन, मुहब्…
अत्तहियात से दलील या रसूलल्लाह पुकारना शिर्क नहीं हदीस ए पाक की रौशनी में तशह-हुद (अत्तहियात) के आदाब व फज़ीलत पर एक नज़र: अल्लाह तबारक व तआला के फ़ज़ल ओ करम से, और दरूद ओ सलाम हमारे आका ए दो जहां मु…
amaal ke sawab ko zaya hone se bachayen काम में इखलास पैदा करें हम अपने बुज़ुर्गान ए दीन की सीरत पढ़ते हैं उनकी ज़िन्दगी का मुताला करते हैं तो हमें यह मालूम होता है यह पता चलता है के हमारे बुज़ूर्गान जो भी अमल करते वह…
सुन्नत पर अमल के फायदे और सुन्नत से रुगर्दानी के नुकसान इस्लामी भाइयो! आज की इस पोस्ट मैं हम बात करेंगें एक ऐसी प्यारी चीज़ की जिस पर अमल करके हम दुनिया व आख़िरत को रोशन कर सकते हैं। यह कोई आम सी बात नहीं, ब…
नमाज़ की बरकत से क़ैदखाना से रिहाई मिल गई इस मज़मून में एक ऐसे वाकिए को कलम बंद कर रहा हूँ, लिख रहा हूँ, जिस में हमारे लिए काफी कुछ सीखने के लिए है। जिस में हमारे लिए सबक़ मौजूद है। यह एक नेक स…
parda wajib hai काफ़िरा औरत से मुसलमान औरत का आज हम इस मज़मून में एक बहुत ही अहम मोज़ू पर बात करेंगे और वह है काफ़िरा औरत से मुसलमान औरत का पर्दा। ये हुक्म हमारे अकाबिर उलमा ए अहले सुन्नत ख़ुसूसन आ…
मोबाइल ने हमें दुनिया के लोगों से जोड़ दिया - मगर अपनों से दूर कर दिया आज का दौर तरक्की और तकनीक का दौर है आज हमारे हाथों में मोबाइल है स्मार्ट फ़ोन है जिससे हम किसी से भी बात कर सकते हैं विडियो कालिंग करके उससे बात कर सक…
बातिनी बीमारी गुरूर तकब्बुर और उसका इलाज इंसान की ज़िन्दगी में जिस तरह जिस्मानी सेहत और तंदरुस्ती की अहमियत है, ठीक इसी तरह दिल और रूह की सेहत और तंदरुस्ती भी बहुत ज़रूरी है। अपने जिस्म की बीम…
फ़र्ज़ नमाज़ के बाद बुलंद आवाज़ से ज़िक्र का सबूत नमाज़ के बाद ज़िक्र व दुरूद, अहले सुन्नत व जमाअत नमाज़ के बाद तीन मर्तबा बुलंद आवाज़ से कलिमा शरीफ पढ़ते हैं, फिर मुख़्तसर दुआ मांगकर सुन्नतें पढ़ते हैं, सु…