ZikrKiFazilat

buland aawaz se zikr par aitraz - अहादीस और अक़वाल एअइम्मा से उनके जवाब

नमाज़ के बाद ज़िक्र व दुरूद: अहले सुन्नत वल जमाअत नमाज़ के बाद तीन मर्तबा बुलंद आवाज़ से कलिमा शरीफ़ पढ़ते हैं फिर मुख्तसर दुआ मांग कर सुन्नतें पढ़ते…

अल्लाह का ज़िक्र करने और न करने वालों की मिसाल क्या है जानिए तफसील से

दोस्तों, क्या आपने कभी सोचा है कि अल्लाह का ज़िक्र करने वाले और उससे ग़ाफ़िल रहने वाले में असल फ़र्क क्या है? क्या यह सिर्फ़ एक अमल का फ़र्क है या कोई …

सत्तर हज़ार मर्तबा कलमा पढ़ने की बरकत maa baap se azaab hat gaya

कलमा की बरकत से अज़ाब से निजात मिल गई। अस्सलामु अलैकुम, फातेहा करना इसाले सवाब करना जाइज़ व मुस्तहब है, और हर नेक आमाल का सवाब भेज सकते हैं, इसाले स…

Allah Ki Yaad की फज़ीलत

अस्सलामु अलैकुम आज में इस पोस्ट में अल्लाह तआला की याद करने यानि ज़िकरुल्लाह की जो फ़ज़ीलत है वह बताने वाला हूँ !  खुदा को याद करने वालों की फज़ीलत ال…