हम और हमारा कीमती वक़्त zyada waqt barbad karne wali chiz mobile वक्त की अहमियत और उसकी क़ीमत वक्त एक अज़ीम नेमत है जो हमें अल्लाह तआला की तरफ से मिली है। अगर हम इस नेमत की क़ीमत नहीं समझेंगे, तो बाद में केवल पछता…
सत्तर हज़ार मर्तबा कलमा पढ़ने की बरकत maa baap se azaab hat gaya कलमा की बरकत से अज़ाब से निजात मिल गई। अस्सलामु अलैकुम, फातेहा करना इसाले सवाब करना जाइज़ व मुस्तहब है, और हर नेक आमाल का सवाब भेज सकते हैं, इसाले स…
नेक लोगों की सोहबत नेकी की तरफ माइल करती हैं | Sangat ka asar zindagi par kya padta hai संगत का असर दुनिया और आखिरत में अलहम्दुलिल्लाह, नह्मदुहू व नस्तईनुहू व नस्तग्रफिरुहू, व नऊजु बिल्लाहि मिं शरूरी अफुसिना व मिं सय्यिआति अअमालिना। में…
अदब और ताज़ीम: quran aur hadees mein kya hukm hai इस्लामी तालीमात कि रौशनी में अदब की अहमियत अस्सलामु अलैकुम दोस्तों: इस तहरीर में हम कुरआन और हदीस की रोशनी में अदब की अहमियत और उसकी बरकत को समझें…
Hadees mubarak aur uske fawaid: जुमा के दिन दरूद शरीफ की फज़ीलत जुमाके दिन दरूद की कसरत अस्सलामु अलैकुम दोस्तों: इस तहरीर में, हम एक अहम हदीस मुबारक पर नज़र डालेंगे जो हज़रत अबू-दर्दा (रज़ी अल्लाहु तआला अन्हु) स…
Deen ki faham Allah ki sabse badi nemat | हुज़ूर अल्लाह के खज़ाने तकसीम करने वाले | नबी के वसीले से मिलने वाली नेमतें हम्द व सना अल्हम्दुलिल्लाह, हम्द व सना उस ज़ात के लिए जो सारी कायनात का मालिक और परवरदिगार है, जिस के हुक्म के बगैर ज़र्रा भी हिल नहीं सकता। सलात व स…
Huzoor se mangne ki taleem | नमाज़ और सजदे की अहमियत | जन्नत में हुज़ूर की संगत कैसे मिले? सजदे की कसरत और जन्नत में हुज़ूर की रफ़ाक़त का राज़ दोस्तों! इस तहरीर में हज़रत रबीअह बिन क़अब रज़ी अल्लाहु तआला अन्हु के वाक़िआ की रोशनी में यह बत…
Masjid e nabvi mein adab ka islami hukm | हुजूर अलैहिस्सलाम की बेअदबी का सख़्त अंजाम | सहाबा किराम, कुरआन और हदीस से सबक़ मस्जिदे नबवी का अदब और हुजूर अलैहिस्सलातु-वस्सलाम की बेअदबी का अंजाम इस्लाम में मस्जिदे नबवी को खास मुक़ाम हासिल है। सहाबा किराम ने हमेशा हुज़ूर अलैह…
Nabi kareem ki nigahe paak se koi chiz poshida nahin | बुखारी शरीफ की रिवायत से जानिये | हुजूर की ख़ास ख़ूबियाँ इस्लामी तालीमात में नबी-ए-करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की ख़ासियतें एक अहम मौज़ू हैं। हज़रत अबू हुरैरा रज़ी अल्लाहु अन्हु से मनकूल सहीह बुखारी की इस ह…